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झेलम नदी में बाढ़ संकट कश्मीर में अलर्ट और ताज़ा हालात

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झेलम नदी में बाढ़ संकट कश्मीर में अलर्ट और ताज़ा हालात

श्रीनगर, 4 सितंबर 2025

लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से कश्मीर घाटी में बाढ़ का संकट गहराता जा रहा है। झेलम नदी का जलस्तर कई स्थानों पर खतरे के निशान को पार कर गया है। प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।

झेलम नदी का जलस्तर खतरनाक

• अनंतनाग के संगम क्षेत्र में झेलम का जलस्तर 27 फीट से अधिक दर्ज किया गया है, जो खतरे के निशान से काफी ऊपर है।

• श्रीनगर के राम मुंशी बाग में नदी का स्तर 2014 की बाढ़ के बाद सबसे ऊँचे स्तर पर पहुँच गया है।

• राजबाग और उसके आसपास के क्षेत्रों में पानी घरों और सड़कों में घुस चुका है।

प्रशासन अलर्ट मोड पर

• बचाव दल तैनात कर दिए गए हैं और नावों के ज़रिए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जा रहा है।

• कई स्कूलों को एहतियातन बंद कर दिया गया है और राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात आंशिक रूप से प्रभावित हुआ है।

• वरिष्ठ अधिकारी और स्थानीय नेता हालात का जायजा लेने के लिए तटबंधों और संवेदनशील इलाकों का दौरा कर रहे हैं।

भारी बारिश और जलवायु संकट

मौसम विभाग ने बताया कि पिछले 48 घंटों से हो रही लगातार बारिश ने नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ा दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि ग्लेशियर पिघलना और जलवायु परिवर्तन भी इस बाढ़ संकट को और गहरा रहा है।

लोगों में चिंता

बाढ़ प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोग 2014 की तबाही को याद कर चिंता में हैं। स्थानीय निवासी लगातार प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहे हैं।

राहत और पुनर्वास प्रयास

• रेड क्रॉस और आपदा प्रबंधन दल ने राहत शिविर स्थापित किए हैं, जहाँ पीड़ितों को भोजन, दवाइयाँ और अस्थायी आश्रय उपलब्ध कराया जा रहा है।

• सेना और अर्धसैनिक बल भी स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर बचाव कार्य में जुटे हुए हैं।

• कई सामाजिक संस्थाएँ और स्वयंसेवक भी प्रभावित क्षेत्रों में मदद पहुँचा रहे हैं।

इंटरनेट और संचार पर असर

कई इलाकों में मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सेवाएँ बाधित हो गई हैं। इससे प्रशासन और लोगों के बीच संचार कठिन हो गया है। अधिकारियों ने आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं ताकि लोग तुरंत सहायता मांग सकें।

आर्थिक नुकसान और फसलें प्रभावित

भारी जलभराव के कारण कई किसानों की धान और मक्का की फसलें डूब गई हैं। इससे घाटी की अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ने की आशंका है। स्थानीय व्यापार भी ठप हो गया है क्योंकि दुकानें और बाजार पानी में डूबे हुए हैं।

फिलहाल स्थिति गंभीर बनी हुई है और मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में और बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है।